आइना पत्थर मोम रह गए।।
कभी टूटे कभी पिघले कभी खामोश रह गए।।
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Monday, May 29, 2017
आइना पत्थर मोम
मोहब्बत का असर
तुम भूल आये हम भूला ना पाए
मोहब्बत का असर देखो।
मैं बीत गया और तुम याद आये।।।
Sunday, June 7, 2015
मां का दिल जो पिघला, तो बरसे आख से पानी
यादाश्त भी है कमजोर
,तो मै अक्सर भूल जाती हू.
मगर बचपन की हर एक
बात मुझे तो याद रहती है .
भूल से भी ना भूले
तुम्हारी हर एक याद रहती है.
तो वादा कर के जाओ तुम
, दूबारा लौटने का बेटा.
मां का दिल जो
पिघला, तो बरसे आख से पानी .
गला मां का जो भर
आय़ा , मै कुछ भी बोल ना पाया.
तुम्हारी राह में मैने,
मेरी नजरों को भेजा है ....
आखों की कमजोरी ,जो
धूधला ही नजर आये.
मगर बेटा ये आखे राह
देखे है ,तुमको तलाशे है.
तो वादा कर के जाओ तुम
, दूबारा लौटने का बेटा.
Tuesday, April 14, 2015
बम बम बनारस
कुछ सुलझा कुछ उलझा शहर
मेरा
दुख लिए, तकलिफ लपेटे
रेशम के धांगो से देवियों
की
लाज बुनता है शहर मेरा।
मदमस्त मस्ती की मुस्कान
लिए,
गिरता सम्हलता शहर मेरा।
साप सीढ़ी वाली गलिया,
जलेबी सी सीधी मेरे शहर
की गलिया
मां गंगा के दर पे ले
जाती दर्शन कराती
मेरी हमसफर गलिया ।
मेरे शहर की धङकन है
मेरे शहर की गलिया ।
गलियों का रेला बना शहर
मेरा
कुछ सुलझा कुछ उलझा शहर
मेरा।
गंगा के घाटों में मदिर
के घंटो में
पान की पिचकारी में हाथों
की मेहंदी में
बोली मे भाषा में धर्म
में ज्ञान में
प्यार मे मुस्कान में
गालियों की मिठास में
मेरा शहर उलझा रहता है ।
शंकर कि नगरी ये मंदिर का
संसार यहां
मुक्ति यहां शक्ति यहां
बाबा की जयकार यहां
फिजाओं में घुलती महकती
अजानों की गुलजार यहां।
राम रहीम का प्यार यहां
ठमुरी यहां दादरी यहां
साहित्य की रीत यहां
गुरु शिष्य की प्रीत यहां
सारे रिश्तों का साथ यहां
किस्सा यहां कहानी यहां
तेरे मेरे जस्बात यहां
याद आये तो चले आना
मेरे शहर में भगवान बसता
है।
मेरे दिल मे मेरा शहर
बसता है
जीवन के सारे रसों से
बना मेरा बम बम बनारस
कभी जोकर कभी जादूगर
तेरी नजर
में मै स्मार्ट नहीं लेकिन स्मार्ट वर्क करता हू
तुझसे ज्यादा तेरी जरुरतों को प्यार करता हू.
सच्चा प्यार हू तुम्हारा बेकार समझती हो तुम मुझे.
दूसरों की शौहरतों से तौलती हो तुम मुझे.
आज वो सब मिल भी जाए तुम्हें तो क्या होगा.
किसी अमीरजादे की बाहों मे सिमट जाने से क्या प्यार होगा.
क्या वो तुम्हारें दिल जज्बात को समझ पायेगा.
मेरे जैसे ही तुम्हारी हर आहट को महसूस कर पायेगा.
चहरे पे हसी के फूल खिला पाएगा.
तुम्हारे लिए कभी जोकर तो कभी जादूगर बन पायेगा
नहीं ना
तुझसे ज्यादा तेरी जरुरतों को प्यार करता हू.
सच्चा प्यार हू तुम्हारा बेकार समझती हो तुम मुझे.
दूसरों की शौहरतों से तौलती हो तुम मुझे.
आज वो सब मिल भी जाए तुम्हें तो क्या होगा.
किसी अमीरजादे की बाहों मे सिमट जाने से क्या प्यार होगा.
क्या वो तुम्हारें दिल जज्बात को समझ पायेगा.
मेरे जैसे ही तुम्हारी हर आहट को महसूस कर पायेगा.
चहरे पे हसी के फूल खिला पाएगा.
तुम्हारे लिए कभी जोकर तो कभी जादूगर बन पायेगा
नहीं ना
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Location:
New Delhi, Delhi, India
Monday, March 30, 2015
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